एक साथ उठीं पिता और तीन बेटों की अर्थियां, चार चिताओं ने रुला दिया पूरा गांव; जयपुर सड़क हादसे के बाद मातम

राजसमंद: राजस्थान के राजसमंद जिले के जेतपुरा गांव में बुधवार को उस समय हर आंख नम हो गई, जब जयपुर के 200 फीट बाइपास पर हुए भीषण सड़क हादसे में जान गंवाने वाले चंद्रप्रकाश वागरिया और उनके तीन बेटों का एक साथ अंतिम संस्कार किया गया। चार अर्थियां एक साथ उठीं तो पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए और माहौल पूरी तरह गमगीन रहा।

श्मशान घाट पर सुबह करीब 11 बजे चंद्रप्रकाश वागरिया और उनके तीनों बेटों की चिताएं एक साथ सजाई गईं। परिवार के दो जीवित बचे नाबालिग बेटों दिनेश और रतन ने अपने पिता और तीनों भाइयों को मुखाग्नि दी। मुखाग्नि के दौरान बच्चों की दर्दभरी पुकार सुनकर वहां मौजूद लोगों की आंखें छलक उठीं। वहीं मृतक के 90 वर्षीय पिता हीरालाल अपने बेटे और तीन पोतों को एक साथ खोने के गम में बार-बार बेसुध होते रहे।

झाड़ू बेचकर चलता था परिवार का गुजारा

चंद्रप्रकाश वागरिया का परिवार बेहद साधारण आर्थिक स्थिति में जीवन यापन कर रहा था। वह जंगलों से खजूर की डालियां लाकर झाड़ू बनाते और उन्हें जयपुर में बेचकर परिवार का पालन-पोषण करते थे। करीब एक महीने पहले वह पत्नी कैलाशी देवी और बच्चों के साथ झाड़ू बेचने जयपुर गए थे। गर्मी की छुट्टियां समाप्त होने के बाद पूरा परिवार वापस अपने गांव लौट रहा था, तभी यह दर्दनाक हादसा हो गया।

बस स्टैंड पर इंतजार कर रहे परिवार को ट्रेलर ने रौंदा

यह हादसा मंगलवार सुबह जयपुर के अजमेर रोड स्थित 200 फीट बाइपास पर हुआ। चंद्रप्रकाश अपनी पत्नी और तीन बेटों गोपाल (10 वर्ष), रमेश (11 वर्ष) और दीपक (8 वर्ष) के साथ बस का इंतजार कर रहे थे। इसी दौरान तेज रफ्तार और बेकाबू ट्रेलर ने उन्हें टक्कर मार दी। हादसा इतना भीषण था कि चंद्रप्रकाश और उनके तीनों बेटों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनकी पत्नी कैलाशी देवी गंभीर रूप से घायल हो गईं। उनका अस्पताल में उपचार जारी है।

दो मासूम बच्चों के सिर से उठा परिवार का साया

इस हादसे के बाद परिवार में केवल दो नाबालिग बेटे ही बचे हैं। इनमें एक दिव्यांग है, जबकि दूसरा 13 वर्ष का है। उनकी मां अस्पताल में भर्ती हैं और पिता व तीन भाइयों की मौत हो चुकी है। अब इन दोनों बच्चों के सहारे केवल उनके 90 वर्षीय दादा हीरालाल ही रह गए हैं।

पीड़ित परिवार को 10 लाख रुपये की सहायता

इस दुखद घटना पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने शोक व्यक्त करते हुए मृतक के परिजनों से फोन पर बातचीत की और हरसंभव मदद का भरोसा दिया। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार की ओर से पीड़ित परिवार को 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता स्वीकृत की गई है। साथ ही जनसहयोग से परिवार के लिए पक्का मकान बनवाने, घायल कैलाशी देवी को एक निजी अस्पताल के सहयोग से आजीवन प्रतिमाह 10 हजार रुपये की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने तथा दोनों नाबालिग बच्चों की शिक्षा, पालन-पोषण और भविष्य की जिम्मेदारी सुनिश्चित करने का आश्वासन भी दिया गया है।

 

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